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कबीर के इन दोहों से समझें आचरण की महिमा

साहित्य
                
                                                                                 
                            बाना पहिरे सिंह का, चलै भेड़ की चाल।
                                                                                                

बोली बोले सियार की, कुत्ता खावै फाल ।।


भावार्थ:- सिंह की खाल में भेड़ की चाल चलने वाले और सियार की बोली बोलने वाले को कुत्ता जरूर फाड़ खायेगा।  आगे पढ़ें

6 months ago

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