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Phir lautti zindagi book review

इस हफ्ते की किताब

फिर लौटती जिंदगी: जिंदगी कभी घर आना

मनोरंजन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

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कई बार आगे निकलने के जुनून में हम अपने रिश्तों से धीरे-धीरे दूर हो जाते हैं। आगे बढ़ने की चाह में कुछ करीबी रिश्ते पीछे रह जाते हैं। इन्हीं रिश्तों की उधेड़बुन और उलझी हुई जिंदगी को सुलझाता उपन्यास है 'फिर लौटती जिंदगी'। रिश्ते हमारी ताकत होते हैं और मुश्किल घड़ी में सहारा देते हैं। हम कई बार बीती बातों और घटनाओं से प्रभावित होकर गलत फैसले ले लेते हैं। ये फैसले हमारे रिश्तों को प्रभावित करते हैं, लेकिन अपनी गलतियों से सीख लेकर हम उन्हें वापस पा सकते हैं। परिवारों के बिखरते ताने-बाने के बीच यह उपन्यास पाठकों के मन में एक उम्मीद का संचार करता है और टूटे रिश्तों को जोड़ने की ललक बढ़ती है।  
 
किताब- फिर लौटती जिंदगी
लेखक-मान सिंह दीप
प्रकाशक-डायमंड बुक्स, नई दिल्ली
मूल्य-195 रुपये
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