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क्या मजाज़ की कब्र पर उगी जंगली घास भी कोई तराशेगा

मजाज़
                
                                                                                 
                            मजाज़ को बदनसीब शायर भी कहा जाता है। प्रसिद्ध शायर मुनव्वर राणा ने अपनी किताब बगै़र नक़्शे का मकान किताब में इसका उल्लेख किया है।मजाज़ इश्क़ और शायरी में इतने मशगूल थे कि उन्हें अपनी सुध भी नहीं रहती थी। कभी कभार वह खुले अासमान में भी बेेेेहोश हो जाते।    
                                                                                                

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मजाज़ के बारे में बहुत ही रोचक बातें लिखी हैं...

2 weeks ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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