जब जोश मलीहाबादी ने कहा, “मजाज़ तुम घड़ी रखकर पिया करो”

Josh maleehabadi and majaz ul haq untold story
                
                                                             
                            

मजाज़ और जोश दोनों का नाम उर्दू अदब में एक बड़ा ओहदा रखता है। दोनों ही हमवक़्त शायर हैं और ख़ासे मित्र भी रहे हैं, ऐसे में आपस में हास्य-विनोद होना भी लाजिमी है। उसी में से एक किस्सा आपके लिए पेश है।

मजाज़ लखनवी बहुत पीने लगे थे। एक दिन उनके दोस्त जोश मलीहाबादी ने कहा, “मजाज़ तुम घड़ी रखकर पिया करो, ताकि वक़्त का अन्दाज़ा रहे।” छूटते ही मजाज़ ने कहा, “अम्मां हम घड़ी नहीं घड़ा रखकर पीने वालों में से हैं।”


प्रस्तुति- सुधीर निगम
साभार- नया ज्ञानोदय
मार्च 2017

1 month ago

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