आपका शहर Close
Hindi News ›   Kavya ›   Mud Mud Ke Dekhta Hu ›   how faiz ahmed faiz got attached to poetry
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

मुड़ मुड़ के देखता हूं

जानें कैसे फ़ैज साहब का शेर से लगाव पैदा हुआ…

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली

268 Views

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ एक इन्क़लाबी शायर हैं और उनके कलाम जीवन के यथार्थ का पर्याय हैं। उन्होंने जो संघर्ष देखा और जीया, वही लिखा भी लेकिन घटनाओं को महसूस करने का हुनर तो जन्मजात होता परंतु उन्हें कलमबंद करने का हुनर कम ही लोग जानते हैं और उस पर भी फ़ैज़ साहब को यह लगाव कैसे उत्पन्न हुआ इसे जानने की उत्सुकता हम सभी में है।

आगे पढ़ें

हमारे घर से मिली हुई एक दुकान थी...

सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!