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मेरे अल्फाज़

मिस यू पापा

yogesh rajput

4 कविताएं

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सारी दुनियाँ हमारी थी सारा जहां हमारा था, आप थे तब सब अपना सा लगता था।
पापा आप थे तब सब अच्छा-अच्छा सा लगता था।
वो मोबाइल पर घंटों गेम खेलना, आपके आते ही डर कर पढ़ने बैठना,आपका जानकर भी अनजान बन जाना बड़ा अच्छा सा लगता था।
पापा आप थे तब सब…………….
मेरे शरारत करने पर मुझे डांटना, मेरा भाग कर मम्मी की गोद में छुप जाना, आपका वो ना चाहते हुए भी मुझे डांटना बड़ा अच्छा सा लगता था।
पापा आप थे तब सब ……………।
मेरा रिजल्ट कई बार दिखबाना, रिजल्ट देख कर खुशी से आपकी आंखोँ का भर आना,आपके चहरे की उस खुशी को देखकर बड़ा अच्छा सा लगता था।
पापा आप थे तब सब ……………।
अब समझ आया कि ये दुनियां कितनी मतलबी है।
आपके साथ होता था तो हर सख्श सच्चा सा लगता था।
पापा आप थे तब सब अच्छा-अच्छा सा लगता था, सब अच्छा -अच्छा सा लगता था।


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