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मेरे अल्फाज़

न पूछो

Vipul Artsian

15 कविताएं

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रह रह के मुझसे ये हाल न पूछो,
बेहाल-सा हूँ, दिल का हाल न पूछो!
इज़हार -ए- मुद्दा तुम्हें क्या बताऊँ
वो पैहम मलाल-ए-विसाल न पूछो!
संदेशा तुम्हारा आया है अब की,
संदेशे में रखते ख़्याल न पूछो!
ये रस्म -ए- दूरी निभाओगे कैसे,
अबस ये मुझ से सवाल न पूछो!
कार-ए-शिफ़ा सी हैं जाज़िब आदाएँ
हमदम का मेरे कमाल न पूछो !


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