आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Part - 3 "Heart brocken Shayari"

मेरे अल्फाज़

पार्ट - 3 "हार्ट ब्रोकन शायरी"

Vipin Dilwarya

71 कविताएं

17 Views
(1)

छोड़कर हमें
वो इतने ख़ुदगर्ज हो गए
जब कुछ बाकी
ना रहा कहने को तो
कह दिया कि
हम किसी और के हो गए

(2)

हमने दर्द सहना क्या सीख लिया
लोग समझते है कि हम बेदर्द है

(3)

बाद मुद्दतों के बाद मिला मुझे मेरा रकीब
दूर हो गया वो भी आकार मेरे करीब
सुना है प्यार का कोई मोल नहीं होता
फिर क्यों छोड़ गया मुझे कहकर गरीब

(4)

सुना है तुझे मेरे
टूटे दिल की आहट सी हो गई है
तु खुश रह अपनी ज़िन्दगी में
हमारा क्या हमें तो
दर्द सहने की आदत सी हो गई है

(5)

वफ़ा का नाम लेकर
वो तो आज तक मेरे साथ लड़ी है
मगर वफ़ादार वो नहीं
वफ़ादार तो तन्हाई निकली
जो आज भी मेरे साथ खड़ी है

(6)

नशे का बहाना
करके हमें यूं ना घुमाओ तुम
मानते है आज
वो तुम्हारे बहुत खास है
मगर हमें यूं
पराया ना बनाओं तुम

(7)

ये अदा है या हुनर
कि भूलकर मुझे मैं याद नहीं
अरे जा जी लूंगा तेरे बिना
मैं मर जाऊं ऐसी भी कोई बात नहीं
और हां लिखता हूं और लिखता रहूंगा
मगर तेरे लिए कुछ लिखूं
ऐसी भी तेरी औकात नहीं

(8)

उम्मीद से ज्यादा उम्मीद की
नाराजगी में भी तेरे लौट आने की
इंतेहा हो गई इंतज़ार की
आंखो का पानी सूख गया
अब जियूं या मरू मैं पर तुू
सोचना भी नहीं वापस लौट आने की


 Vipin Dilwarya


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Your Story has been saved!