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मेरे अल्फाज़

हिन्दुस्तान से लड़ने की बात करते हैं

Vipin Dilwarya

64 कविताएं

256 Views
वो मुट्ठी भर देश
जो हिन्दुस्तान से लड़ने की बात करते हैं

उन्हें बता दूं
वो अपनी औकात से बाहर बात करते हैं

सुना है वो ज्वालामुखी बन गए
सूरज को जलाने की बात करते हैं

उजालों के खिलाड़ी बहुत पक्के है वो
रात के खिलाड़ियों से लडने की बात करते हैं

जो हवाओं में बात करके
आंधियो से डर जाते है
वो तूफानों को रोकने की बात करते हैं

अपनी औकात से बाहर
ना हो ऐ दुश्मन - ए - हिन्द
दफन कर दूंगा तेरी हर कोशिश
मैं हर तूफान को रोक दूंगा

अपने दफनाने का सामान मुकम्मल रख
हिन्दुस्तान का फ़ौजी हूं
हर दुश्मन को चुन चुन कर ठोक दूंगा

By_ Vipin Dilwarya


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