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मेरे अल्फाज़

आखिर कौन है वो इंसान रेपिस्ट पोएट्री

Vipin Dilwarya

72 कविताएं

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आखिर कौन है वो इंसान ,

ना बेटी , ना बहन , ना दिखती है
मासूमियत वो इंसान है या हैवान ,

तीन साल की बच्ची देखता है
ना देखता है 60 साल की औरत ,

हवस का पुजारी है वो
ना देखता है बच्ची और जवान ,

आखिर कौन है वो इंसान.....

इंसान , इंसान को मार रहा
बेटियों को नोच रहा और
कर रहा औरत की इज्ज़त तार - तार

रोज हो रहे बलात्कार
खबरे आ रही है लगातार

आखिर कौन है वो इंसान
जो कर रहा इंसानियत को शर्मशार ,

आखिर कौन है वो इंसान.....

तू है या मैं हूं ,
ये है या वो है ,

तू भी नहीं मैं भी नहीं , ये भी नहीं
वो भी नहीं सब बनते है अंजान ,

क्या कोई और है इस समाज में
कोई दूसरे ग्रह से आता है क्या ,

तू भी इस समाज में ,
मैं भी इस समाज में ,

ये भी इस समाज में ,
वो भी इस समाज में ,
फिर कैसे होगी उसकी पहचान ,

आखिर कौन है वो इंसान.....



By _ Vipin Dilwarya


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