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मेरे अल्फाज़

डर लगता है

vaibhav verma

20 कविताएं

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किसी के आ जाने से भीड़ में खो जाने से
किसी से हाथ मिलाने से बस पास मेरे आ जाने से
बाजार में अब जाने को स्कूल से घर आने को
जिन हाथों में प्यार था उनमें अब खून मुझे बस दिखता है
एक दर्द सीने में उठना है हाँ माँ अब डर मुझे बहुत लगता है -

VAIBHAV RASHMI VERMA


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