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मेरे अल्फाज़

वतन से इश्क़

Tumesh Patle

74 कविताएं

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गज़ब का इश्क़ करते है मतवाले, वतन से,
कुर्बान होते हैं, इश्क़ मुकम्मल होने तक!!

बे-मन से नहीं, मन से इश्क़ हो,
तन से नहीं, वतन से इश्क़ हो!!

तुमेश पटले "सारथी"
बालाघाट (म. प्र.)


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