तुम बिन

Tum bin
                
                                                             
                            सोच रहा हूँ
                                                                     
                            
शुष्क नयन में
हारे मन में
बेदम तन में
नीरसता में
बेचैनी में
इस वियोग में
अब जीवन में
तुमको खोकर क्या बाकी है
जीवन कितना एकाकी है

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3 years ago

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