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मेरे अल्फाज़

हमारा साथ कुछ पल का तो नहीं ?

The Sachin

17 कविताएं

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1. तुम्हारी कीमत तो मुझे तब मालूम होगी
जब तुम मुझसे कहीं दूर होओगे
उस लम्हे मैं तुम्हें ढूंढने की कोशिश करूँगा
पर तुम नहीं मिलोगे
मैं मायूस सा चेहरा लिए एक कोने में
तुम्हारा इंतज़ार करूँगा
मगर तुम नहीं लौटोगे
इसलिए आज तुमसे पूछता हूँ
हमारा साथ कुछ पल का तो नहीं
2. लोग कहते हैं वो अच्छे दोस्त हैं
मिसाल हैं गहरी दोस्ती की
ये वक्त धीमे धीमे सही
मगर जल्दी बीतेगा
ज़िन्दगी की परीक्षाओं में हमें अलग
भी होना पड़ेगा
क्या पता शायद दोबारा मिलें ही ना
मुझे विश्वास है हम ज़रूर मिलेंगे
तुम क्या कहते हो
हमारा साथ कुछ पल का तो नहीं
3. ये जहाँ हमें हमसे दूर करने
की कोशिश करेगा
हो सकता है हम खुद पे भरोसा
ना करके उनकी सुनें
मुझे तो ऐसा नहीं लगता
मगर तुम क्या कहते हो
हमारा साथ कुछ वक्त का तो नहीं ?

Sachin Kumar


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