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मेरे अल्फाज़

गिर जा

Taxas Sri

530 कविताएं

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गिर क्योंकि सभलना है तुझे
गिर क्योंकि समझना है तुझे
गिर क्योंकि दर्पण से मिलना है तुझे
गिर क्योंकि कुछ विशेष से मिलना है
गिर क्योंकि अनुभवो को स्वर्ण है
गिर क्योंकि पहचानना है तुझे
गिर क्योंकि अपनों के लिए
गिर क्योंकि सबको समेटना है
गिर क्योंकि शक्ति को पुनः अर्जित करना है

हर जगह गिर जा
पर अपनी दृष्टि में ना गिरना
अपनी दृष्टि में जो गिरा
फिर टूट जायेगा


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