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मेरे अल्फाज़

एक तेरी हां पर

swag se

8 कविताएं

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बदल दिए थे रास्ते बस एक तेरी हाँ से,
सब कुछ छोड़ चले थे बस एक तेरी हाँ पर,
हम कभी भी चोट देना नहीं चाहते थे,
बस सबको छोड़ चले थे तेरी हां पर,
पहले जीना मुश्किल सा हो गया था,
फिर से जीना शुरु किया तेरी हाँ पर,
जब डर लगता था कभी जीने से,
फिर भी जीते चले तेरी हाँ पर,
अब जब चाहिए तू साथ मेरे,
तब सब कहते हैं तू तो बस एक ख्याल थी,
अब जिया नहीं जाता ख्याल पर,
क्यों तेरी यादों ने मेरी सोच बदली,
काश इन यादों में भी तू ना मिलती,
जिंदगी से तो कब का हार गया था,
अगर तू ना अाती तो इस जिंदगी को मात मिलती,
इतना अगर तेरी यादों से बदलाव हूँ,
तो सोच तू अगर होती तो दुनिया कदमों में होती,
अगर बस तूने साथ दिया होता,
वक्त मैं बदलता और किस्मत तो खुद बदल जाती!

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