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मेरे अल्फाज़

2020 बस कर यार

Susheel Sharma

9 कविताएं

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CAA का हंगामा शुरू के 100 दिन खा गया,
हंगामा खत्म नहीं हुआ की कोरोना आ गया।
कोरोना काल बनके समूचे देश पे छा गया,
और उधर बंगाल असम में तूफ़ान आ गया।
पैदल चलते हजारों मजदूरों का हाल,
चीन की चाल से बिगड़ा हुआ नेपाल।
लेकिन एक खबर से तो कालेज पिघल गया,
जब काल गालवान में 20 शेरों को निगल गया।
इरफान सुशांत के जाने का ग़म
दिल खाली सा आंखे हो गई नम।
अब ऊपर से टिड्डियों की मार
2020 अब तो बस कर यार।
बाकी बचा आधा साल आराम से निकल जाए,
फिर लौट के ऐसा साल दूबारा कभी ना आए..

सुशील शर्मा
तारानगर चूरू(राज.)


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