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मेरे अल्फाज़

प्यार का इंतज़ार

suman lata

9 कविताएं

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आज आया है मेरा नाम उसके होठों पे
अब तो होगा मेरा चर्चा शाम-ए-महफिल में

कहने को तो उसने हमें राजदा नहीं माना
फिर भी एक राज छुपा है दिल में
आज आया है मेरा नाम उसके होंठों पे
अब तो होगा मेरा चर्चा शाम-ए-महफिल में

आहे-सोज़ा है और कुंचे-गहराई है
काफिरे-बेमहर ने हमको यूं बरबाद किया
आज आया है मेरा नाम उसके होंठों पे
अब तो होगा मेरा चर्चा शाम-ए-महफिल में

दिल दाग़दार है और सदमा भी है
कट जायेंगे ये दिन भी उसके इंतजार में
आज आया है मेरा नाम उसके होठों पे
अब होगा मेरा चर्चा शाम-ए-महफिल में

-सुमन

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