आपका शहर Close
Kavya Kavya
Hindi News ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Tumhari Vazah Se

मेरे अल्फाज़

तुम्हारी वजह से

Sujeet Pappu

6 कविताएं

15 Views
हुआ मैं बहुत बदनाम तुम्हारी वजह से,
चर्चा होने लगी सरेयाम तुम्हारी वजह से।

मुझे कहते हुए ये बात थोड़ी हया आती है,
एक मारा गया गुलफाम तुम्हारी वजह से।

मन की गुस्ताखी लगा दिया जो दाग दामन में,
उसे धुलने में हुआ नाकाम, तुम्हारी वजह से।

देखा जो तेरा अक्स गुरूर आया, सुरूर आया
बेकार लगने लगा हर काम तुम्हारी वजह से।

खुदी को बना लिया दुश्मन जफा करके कैसा,
सोचता हूं मैं सुबहो-शाम, तुम्हारी वजह से।

- सुजीत कुमार 'पप्पू'

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Other Properties:

Your Story has been saved!