हमें बिकना नहीं आता है।

                
                                                             
                            रूस्वत में तनिक मुझ को जीना नहीं आता है ।
                                                                     
                            
उल्फत में सनम के मुझ को मरना नहीं आता है ।।
जो बात "हिन्द" की हो, भले लाख़ स्वार्थ हो ।
हम मर मिटेंगे पर हमें बिकना नहीं आता है।।
 
सुजीत कुमार मिश्रा
प्रयागराज।


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1 year ago

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