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मेरे अल्फाज़

युवा भारत के कर्णधार

SUBHASH KUMAR

1 कविता

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यह कविता भारत के युवाओं को समर्पित है।
जो भावी भविष्य के नागरिक होंगे तथा देश का बागडोर संभालेंगे।
यह कविता उनको अपने देश के प्रति कर्तव्यों का भी बोध कराएगी।

ऐ युवा भारत के कर्णधार !
रख भरोसा अपने आप पर ,
मत कर किसी का इंतजार ,
तूही मिटाएगा दुनिया का दुःख ,
तूहीं जग में करेगा परोपकार ,
है तुझ में असीम बल यह याद रख ,
तूही बनेगा सहारा दुसरो का यह याद रख,
तुझमें ही है क्षमता मिटने का भ्रष्टाचार ,
याद रख तूही बनेगा युवा भारत का कर्णधार I
तूही करेगा, हाँ तूही बनेगा ,
स्वावलम्बी ,सदाचारी ,परोपकारी और कर्मवीर,
भले तुझे मिले असफलता हजार ,
पर न मान कभी जीवम में हार,
क्योंकि तूही है ,हाँ तूही है ,
इस युवा भारत का कर्णधार I
हाँ तूही बदलेगा देश की तस्वीर,
इस देश में फिर से लाएगा खुशियां आपार,
तूही करेगा नए नए चमत्कार,
तूही है, हाँ तूही है इस युवा भारत का कर्णधार I
मत कर कभी भरोसा भाग्य पर ,
ना हीं मान कभी निराशाओं से हार ,
याद रख तुझमे छिप ना सके कोई विकार,
क्योंकि तूही कहलायेगा धरती का वीरपुत्र ,
और तुझ पर गर्व करेगा सारा संसार ,
धन्य है , तू धन्य है ,ऐ भारत के कर्णधार।

✍सुभाष कुमार पर्वतैयार✍


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