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मेरे अल्फाज़

सु-शासन

Anonymous User

1 कविता

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धारा 370 हटा दी आज आपने जो,
मुखर्जी का वह बलिदान आज सफल हो गया!
आज सफल हो गया सरदार का वह स्वर्ण सपना,
एक राष्ट्र भारत श्रेष्ठ भारत हो रहा।।
शोषित जो थे कश्मीरी उस समय काल,
ह्रदय उनका आज प्रफुल्लित हो रहा।
आपकी कार्य कुशलता को देखकर,
विपक्षियों का बख्श आज चीर भाड़ हो रहा।।

मोदी है तो मुमकिन है,
अमित भाई है तो संभव है
वाक्य यह विशिष्ट सुस्पष्ट आज हो रहा।

असंभव को संभव बनाते हुए आज तुम,
राष्ट्रवादी विचारधारा पे अडिग बने रहो।
प्राणी जो प्रतिष्ठा की उजाड़ी चंद परिवारों ने,
उसका कलंक देश से मिटा कर ही रहो।
जिस कार्य के लिए पहनाया है तुम्हें ताज,
उसको आज तुम सुशोभित करते रहो।
अपने कार्य बुद्धि कौशल से आज तुम,
भारत को हिंदू राष्ट्र की ओर अग्रसर करो।।

विक्रम  राष्ट्रवादी



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