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मेरे अल्फाज़

उलझन

Sonu Sonu

6 कविताएं

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Desh mai hai doo tyohar bda
Ek trf ajadi duji or rakshabandhan ka tyohar khda
Is uljhan mai hai senik bhai
Ek trf hai mamta ka anchal duji or ma bharti ka damn
Ek trf hai zimedariya duji or farj bada
Ek trf resam ka dhaga duji or tiranga pyara
Ek bahen ho ya doo pure desh ki bahheno ke raksha ka hai wada hmara
Jo mai na aapaun ghr to smjh lena vijay dhvaj chalane ko sarhad par hai veera tera
Par tu chinta mut krna aajadi ke is jasn mai fika nai pdega raksha bandhan ka tyohar mera
Kismat ki ye baat hai lakho baheno ke duao se bitega rakshabandhan or ajadi ka tyohar hmara


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