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मेरे अल्फाज़

अपना भारत

Sonu Sonu

6 कविताएं

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Akhand Bharat ka sapna liye
Chale the Wo senani
Chahat Yhi thi ki aapna Bharat
kehlae vishwa wijeta vishwa guru
Mun mai tha hosla aankho Mai jununAjadi dilwane ki
Har Ek bharatiya ko unka haq dilwane ki
Kar gae wo jaan nisar watan ke aan pr
Tirange ki saan par Bharat ma ke naam pr
Aao mil kr pran le hardum ucha lehrega tiranga bulandi ki saakh par, Himalaya ki taj par, lahero ki Har rag par, koyal ke Har kag pr, kheto ke lalhar par, Sawan ke barsat pr, insaniyat or apne pan ke naam par,naari ke swabhiman par... Tabhi chamkega sitara aasma main desh ke naam ka, ekta ke patth ka, kurbaniyon ke Maan ka.. Bharat ke saan ka.... Nari ke samman ka


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