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मेरे अल्फाज़

तुझे आगे बढ़ना होगा

sonu kumari

4 कविताएं

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सपने तेरे हैं तो पूरा भी तुझे ही करना होगा
उठ मुसाफिर तुझे आगे बढ़ना होगा।

अंधेरे में परछाई भी तेरा साथ छोड़ेगी
पर तुझे अकेले अपना ही सफर जारी रखना होगा
उजाला तो होने दे ऐ मुसाफिर ये परछाई
भी तेरी और मंजिल पर हक भी तेरा होगा।

राहों में कांटे भी होंगे
पर तुझे उन पर चलना होगा
कट जाएगा ये कांटों भरा सफर भी एक दिन
तेरे कदमों में मुकाम भी तेरा होगा।

सूरज की किरणें तुझे तपाएगी
पर तुझे चांद सा शीतल रहना होगा
समय तो आने दे ऐसा मुसाफिर,तेरा ये तपना
एक दिन पूरी दुनिया में शोर मचाएगा।

कट जाएगे मुस्किलो भरे सफर भी एक दिन
पर तुझे अपने लक्ष्य के लिए संघर्षरत रहना होगा
देख लेना ए मुसाफिर ये मंजिल तेरे कदम चूमेगी एक
दिन
पर फिर भी तुझे आगे बढ़ना होगा
उठ मुसाफिर तुझे आगे बढ़ना होगा।



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