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मेरे अल्फाज़

बस, चलते ही जाना है

Sonika Patel

2 कविताएं

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1) खो गई वो चहकती आवाज़
खो गई वो खिलखिलाती हंसी
खो गई वो आशा और उम्मीदें जब
छा गई निराशा इस जीवन में !

2) खो गए वो खुशियों भरे पल
खो गया वो एक दूजे का साथ
खो गया वो अपनो का प्यार जब
छा गई निराशा इस जीवन में !

लड़ना है इस निराशा से लड़ते ही जाना है !
उम्मीदों और आशा के संसार में फिर एक नया कदम बढ़ाना है !
ना डरना है इन परेशानियों से, ना हिम्मत को कमजोर बनाना है !
एक नई उम्मीद के साथ बस चलते ही जाना है....बस, चलते ही जाना है !

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