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मेरे अल्फाज़

सुनो कुछ कहना है

Sila Kumari

1 कविता

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 सुनो कुछ कहना है 

सुनो कुछ कहना है
संग तुम्हारे अब रहना है,
साथ मे सुख-दुख सहेंगे हम
घर आना अब जल्दी तुम।

वतन की रखवाली करते हुए
भूल न जाना कहीं मुझको तुम,
एक पल वतन एक पल मुझको
याद हमेशा करना तुम।

भारत माता की जय-जय कार
सदा ही करते रहना तुम,
दूर कहीं पहाड़ी पर
रखवाली उसकी करना तुम।

सुनो कुछ कहना है
संग तुम्हारे अब रहना है।



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