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मेरे अल्फाज़

क्या लिखूूूं

Shubhi Agarwal

7 कविताएं

191 Views
लिखने बैठी लेकर पैन
पर लिखना कुछ आता नहीं
किसके ऊपर लिखूूूं कविता
पर लिखा कुछ जाता नहीं
पहले सोचा लिखूूूं कहानी
पर वो बात हो गयी पुरानी
लिखूूूं कविता माँ के ऊपर
या लिखूूूं पापा पे
या लिख डालू कोई कविता
इस देश व्यापी आतंकवाद पे
भ्रस्टाचार, मिलावट, महंगाई
इतने सारे टॉपिक हैं
इन पर लिख कर क्या करना है
ये तो कम होंगे नहीं
देश को लेकर डूबेंगे
जनता को दुःख ये देंगे
नेता हो या अभिनेता
दोनों एक समान हैं
देश को बिगाड़ने में
हम सबका योगदान हैं
इतना सब कुछ सोच कर
मैंने कुछ लिखा नहीं
लिखने बैठे लेकर पैन
पर लिखा कुछ जाता नहीं।।



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