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मेरे अल्फाज़

प्रेम का गीत

shubham rajak

4 कविताएं

7 Views
हर दिन कराना पड़ रहा है उसे अपनी मोहब्बत का एहसास,
और वह सख्स अपने रक़ीब के किस्से बताय नहीं थक रहा


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