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Who says I don't believe in god?

मेरे अल्फाज़

कौन कहता है कि मैं खुदा में नहीं मानता ?

Shreyas Tiwari

2 कविताएं

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कौन कहता कि मैं खुदा में नहीं मानता ,
मैं तो बस तुममें उसको पा चुका हूँ 
जिसे ढूंढते ढूंढते थक गयी ये दुनिया,
उस एहसास को अपनी पलकों छुपा चूका हूँ 

अब और किसी से मांगू भी तो क्या माँगू ?
मेरी तो दुनिया ही जन्नत है 
जो किसी की कबूल न हुई,
खुदा से मिलने की तू मेरी वो मन्नत है |

खुद इश्क़ मेरा खुदा को प्यारा है 
जिस उम्मीद में मेरी दुनिया कायम है,
उसी के लिए तो खुदा ने तुम्हें फ़लक़ से उतारा है।

मैं वो प्यार हूं, तू वो प्यार है,
जिसके लिए खुद खुदा भी परेशान है 
शब्दों में खुदा को तोल तो रही है ये दुनिया,
पर खुद उसके इश्क़ से अनजान है |

पल पल तुझे खुदा से मांग रहा हूं मैं 
शिद्दत ऐ इश्क़ का पूरा दरिया लाँघ रहा हूं मैं 
अकेले मिट जाऊंगा मैं, मुझे मालूम है,
बस तेरी उम्मीद में ज़िन्दगी गुजार रहा हूं मैं 

मैं ज़िन्दगी भर तेरी आरज़ू में निकाल दूंगा,
दिल की आयतों में साफ-साफ़ तेरा नाम उतार दूंगा,
इबादत ऐ इश्क़ पे तो मेरा जहां कायम है,
बस एक बार तू मिल जाये,
पूरी दुनिया को इश्क़ सीखा दूंगा |

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