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मेरे अल्फाज़

ईनाम

Shivesh Srivastava

17 कविताएं

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दर्द से रुखसत, सर-ए-आम मिलना चाहिए
टूटे हुए दिल का भी कुछ तो दाम मिलना चाहिए
कर दिया रुसवा हमें, तो क्या हुआ
बे-ईमानी का भी उन्हें ईनाम मिलना चाहिए

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