आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   There are still many tests left
There are still many tests left

मेरे अल्फाज़

अभी तो कई इम्तिहान बाकी हैं

Shivanand Upadhyay

6 कविताएं

20 Views
जली जमीं पर काला निशान बाकी है
अभी तो कई इम्तिहान बाकी हैं
ये ख्वाब हैं पर अधूरे नहीं
अभी देखना अंजाम बाकी है।

कोशिश की चलने की
पैर लड़खड़ा गये, संभलते हुए
गिरा और फिर उठने की कोशिश हुई
देखा किसी के पैरों का निशान बाकी है।

एक उम्र है हमारे चलने है
एक उम्र रिश्ते बने रहने की
उम्र बीत गयी पहले उस रिश्ते की
तो क्या हुआ...

अभी इस अंध्‍ोरी कोठरी में रोशनदान बाकी है
दूकेला नहीं, अकेला भी नहीं
कोई था जो चला गया
कोई है जो रुका हुआ है
सफर है...

मिलते बिछड़ते रहेंगे कई लोग
डरना क्या, इस छोटे से जंगल में
अभी तो आने कई वीरान बाकी हैं
कभी तुम चले हमसे दूर
कभी हम चले तुमसे दूर
कहीं भी चलें...

पर पहुंचना हमें एक साथ ही है
ये ख्वाब हैं पर अधूरे नहीं
अभी देखना अंजाम बाकी है

- शिव उपाध्याय

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
Comments
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!