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Bhale ho paanv mere aaj bhi gardish me

मेरे अल्फाज़

भले हों पाँव मेरे आज भी गर्दिश में ऐ मौला

Shiv Pandey

15 कविताएं

9 Views
भले हों पाँव मेरे आज भी गर्दिश में ऐ मौला,
मगर नजरें हमारी आज भी तारों पे कायम हैं!

शिव इलाहाबादी

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