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मेरे अल्फाज़

बैठे बैठे दिल सहम जाता है

Sheetal Buriya

18 कविताएं

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बैठे बैठे दिल जरा सा सहम जाता है
जब पुरानी यादें फिर से घर कर जाती हैं

ख़ुशनुमा माहौल भी तंग हो जाता है
जब उनकी बेवफ़ाई की दास्तां रूबरू हो जाती हैं

हंसता खेलता हुआ एक इंसान भी
बस खाक सा ही रह जाता है

अपनों की कहीं बातें सताती जरूर है
मगर अपना ही मन खोखला बना देता है


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