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मेरे अल्फाज़

मैं उन्हें नहीं जानती

Sharmila Kumari

50 कविताएं

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हमारे बहुत सारे दोस्त हैं
देश में भी विदेश में भी
हालाँकि मैं नहीं जानती उनका नाम पता
न पहचानती हूँ उन्हें
न बता सकती हूँ कैसे, क्यूँ
हमारे बहुत सारे दुश्मन हैं
देश में भी विदेश में भी
हालाँकि मैं नहीं जानती उनका नाम पता
न पहचानती हूँ उन्हें
न बता सकती हूँ क्यूँ कैसे
मुझे सिखाया गया है कि
दोस्तों से अपनापा बरतो प्यार करो
और दुश्मन से घृणा करो उनके नष्ट होने तक
मुझे यह सब बतलाया सिखाया गया है
और यह कोई एक बार नहीं
या एक आदमी के द्वारा नहीं
और मैं उनका नाम पता नहीं बता सकती
उनको जानती नहीं पूरी तरह
मैं तो ठीक ठीक बता भी नहीं सकती
कि वे हमारे दोस्त थे या दुश्मन

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