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मेरे अल्फाज़

सूरज ही डूब जाता है

Shanti Swaroop

1140 कविताएं

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उनकी मुस्कान ऐसी कि, चांद रूठ जाता है !
जब उदास होते हैं, तो सूरज ही डूब जाता है !
पर हमारे दर्द को वो कब समझ पाएंगे यारो,
जब मोड़ते हैं मुख, दिल अंधेरों में डूब जाता है !

शांती स्वरूप मिश्र


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