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मेरे अल्फाज़

दीये को दोष क्यों दिया जाता है

Shanti Swaroop

1130 कविताएं

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अपनी गलतियों से ही लगती है आग घर में,
पर बेचारे दीये को दोष, क्यों दिया जाता है !

अपनी गलती से डूब जाते हैं तैराक दरिया में,
पर दरिया को सारा दोष, क्यों दिया जाता है !

अपनी गलतियों से मुसाफिर खाता है ठोकरें,
पर निर्दोष राहों को दोष, क्यों दिया जाता है !

अपने कर्मों से ही होती हैं नाकामियां हासिल,
हमेशा वक़्त को ही दोष, क्यों किया जाता है !

सारी हरकतें तो करते हैं दबंग और बड़े लोग,
फिर निर्बल को सारा दोष, क्यों दिया जाता है !

शांती स्वरूप मिश्र

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