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मेरे अल्फाज़

आंखो में उसके इश्क ......

Shankarlal Gupta

16 कविताएं

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आंखो में उसकी मैने इश्क का दीदार कर लिया
अब चैन से मर सकूगां मौत से इकरार कर लिया

जिन्दगी में मौहब्बत मिलती नही है बदनशीबो को
बदनशीबी ने मेरी इस बात पर एतवार कर लिया

कितने बानशीब थे दो जहां में वो इश्के दीवाने
किसी ने लैला मजनू किसी ने हीर राझा बन इश्के इबादत में नाम कर लिया

यूं तो चाहता हर आशिक मौहब्बत के दरिया में उतर जाना
किस्मत है अपनी अपनी कोई डूब गया बीच भंवर में किसी को वक्त के मांझी ने किनारे लगा दिया

शंकर बुलदशहरी 8881382349


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