आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Usko bhula danay ka baad

मेरे अल्फाज़

उसको भुला देने के बाद ......

SHANKAR lal

87 कविताएं

302 Views
उसे अब किस दिल से बद्दुआ दूं उम्र भर दुआ देने के बाद
खुद को संभाला है बहुत मैंने उसके दूर चले जाने के बाद

आज भी जब आईने में आता है नजर खूबसूरत चेहरा उसका
तन्हाइयों में खूब रो लेता हूं बिस्तर पर चेहरा छिपाने के बाद

अब क्या सुनाये अपनी गमें दास्तां अधूरी जिंदगी को हम
अपना सब कुछ भुला चुके हैं उसके भुला देने के बाद

उसकी चाहत की प्यास थी दिले अरमानों को मेरे बहुत
अब प्यास बुझा लेता हूं लबों पर आसूँ आ जाने के बाद

मोहब्बतें निजाम में कभी हार जीत का कोई फर्क नहीं समझा मैने
कई बार मुकद्दर की बाजी जीती है मैंने उससे हार जाने के बाद

जमाना कहता है इश्के बीमारी में लाइलाज हो गया हूं मैं
हंस लेता हूं खूब जमाने पर दस्तूरे बस मोहब्बत की बेवफाई के बाद

शंकर बुलंदशहरी

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
सर्वाधिक पढ़े गए
Top

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Your Story has been saved!