आपका शहर Close
Home ›   Kavya ›   Mere Alfaz ›   Maun bhi chikhata hai Kabhi suna hai kya

मेरे अल्फाज़

मौन भी चीखता है

Shalini shrivastava

14 कविताएं

1037 Views
मौन भी चीखता है कभी सुना है क्या?

कभी मंजूरी को दर्शाता,
कभी मजबूरी को दर्शाता,
कभी प्यार को दर्शाता तो,
कभी अपने को खोने का डर दर्शाता,
मौन भी सब कुछ बोलता है कभी सुना है क्या??

कभी समर्पण प्यार में तब भी मौन,
कभी इकरार में हो तब भी मौन,
कभी कुछ खोने का डर तब भी मौन,
कभी कुछ पाने के लालच में मौन,
मौन भी सब कुछ बोलता है कभी सुना है क्या??

कभी ज्ञान तृप्ति में मौन,
कभी ज्ञानता के घमंड में मौन,
कभी समस्या का समाधान मौन,
कभी समस्या का कारण मौन,
मौन भी सब कुछ बोलता है कभी सुना है क्या??

रूप - कुरूप की अधिकता में मौन ,
लक्ष्मी के दर्प में भी मौन ,
सरस्वती की अनुपस्थिति में भी मौन,
और उनकी उपस्थिति में भी मौन,
मौन भी सब कुछ बोलता है कभी सुना है क्या??

कभी आक्रोश को भड़काता,
तो कभी शांत करता मौन,
तप का दूजा नाम है ये मौन,
सही घड़ी में अपना के देखो मौन,
मौन भी सब कुछ बोलता है, कभी अपना के देखो मौन।।

- शालिनी श्रीवास्तव

-हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 
सर्वाधिक पढ़े गए
Top
Your Story has been saved!