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मेरे अल्फाज़

मकर संक्रांति

Shalini Sharma

1 कविता

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सूर्यदेव आते उत्तरायण,
करते मकर राशि प्रवेश।
शिशिर ऋतु भी रंग बदलती,
पर्व है ये बहुत विशेष।

तिल,गुड़ का आनंद उठाते,
नील गगन में पतंग उड़ाते।
करते गंगा में स्नान,
दान,पूजा कर खिचड़ी बनाते।
मकर संक्रांति के इस त्यौहार
में,
पुण्य बढ़ाने का उद्देश्य।

शिशिर ऋतु भी रंग बदलती,
पर्व है ये बहुत विशेष।

जन-जन उत्साहित हो जाएं,
कृषक भी मन में हर्षाएं ।
नवचेतना का संचार कर,
जीवन में खुशियां फैलाएं।
हर्षोल्लास से पर्व मनाएं,
बिखराएं जनकल्याण संदेश।

शिशिर ऋतु भी रंग बदलती,
पर्व है ये बहुत विशेष।

सूर्य देव आते उत्तरायण,
करते मकर राशि प्रवेश।
शिशिर ऋतु भी रंग बदलती,
पर्व है ये बहुत विशेष।

शालिनी शर्मा
इटावा, उत्तर प्रदेश

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