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मेरे अल्फाज़

आँखों में एक ही तस्वीर हो....

shafaque rauf

106 कविताएं

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गँवारा है मुझे आँखों में इक ही तस्वीर हो
महबूब का, हमदम का या कोई हबीब हो

- डा.शफ़क रऊफ
अररिया (बिहार )


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