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Sunhara aakash

मेरे अल्फाज़

सुनहरा आकाश

Saroj Yadav

257 कविताएं

2152 Views
हर किसी को ख्वाब देखने और पूरा करने का
रोज एक आशा और उम्मीद लाये सुनहरा आकाश
राह सब चुन सके मंजिल तक पहुँचने के लिए
उजाला राह में सबके बिखराये सुनहरा आकाश
न चलो तुम तो कायर तुम्ही हो सच सुन लो
हर किसी मे जोश जगाए ये सुनहरा आकाश
ये जरूरी है की तुम साथ ही चलो इसके
हर अंधेरे से खुद ही टकराये सुनहरा आकाश
आज हो दूर कल मंजिल पे जरूर तुम होंगे
पकड़ के हाथ वहां ले जाये तुम्हे सुनहरा आकाश

- सरोज यादव""सरु""

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