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Khwab Aisa Ho Jo Sach Karne Ko Jagata Rahe

मेरे अल्फाज़

ख्वाब ऐसा हो जो सच करने को जगाता रहे

Saroj Yadav

285 कविताएं

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ख्वाब ऐसा हो जो सच करने को जगाता रहे
नही तो ख्वाब से हम दोस्ती अब हरगिज न रखें

माना दिलकश है ये दिल को बहुत लुभाता है
लेकिन सच्चाई से अगर ये दूर लिए जाता है
लाख ललचाये वो सजधज करे मनुहार करे
उसके कूचे में न हम अब भूल के भी पांव रखें

हां ये सच है की बिना ख्वाब के रूखी लगे दुनिया
ख्वाब न हो तो परेशान सी नजर आये है दुनिया
ख्वाब सच्चा है तो फिर वो ख्वाब की ताबीर करे
वरना दुनिया की तरह हम उसे ठोकर में रखें

बन्द आँखो में मिले गर हमको तो ये मंजूर नहीं
झूठी बातों को सुने अब हम इतने तो मजबूर नहीं
मेरे साथ सख्ती से चाहे तो खुद भी काम करे
भूल जाये नही वो खुद को बस ख्वाबों में रखे

ख्वाब ऐसा हो जो सच करने को जगाता रहे
नही तो ख्वाब से हम दोस्ती अब हरगिज न रखें

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