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मेरे अल्फाज़

मेरे देश का हर जवान वीर जवान कहलाता है

Sarla Singh

543 कविताएं

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मेरे देश का हर जवान
वीर जवान कहलाता है ।
हर इंसा की तरह वे भी दो हाथ पैर रखते हैं ।
सर्हहद की हिफाजत के लिए हर वक्त तयार खुद को रखते हैं
दिल है सिने मे मगर उसे दबाऐ रखते है ।
छाती वही हाड़ मास की है मगर फोलाद
बनाये रखते है ।
वतन से आगे कुछ और नजर आता नहीं
हाँ वो अपनी आँखो में भारत बसाये रखते हैं ।
हाँ मेरे देश का हर जवान
वीर जवान कहलाते है ।

किसी से मोहब्बत करने की उम्र में
वो इश्क वतन से करते हैं ।
नहीं खाते कसमें किसी की चाहत में मरने की
वो देश की हिफाजत में मर मिटने की कसमें
खाते हैं
मोहब्बत नहीं उनको गुलाबो से
वो कांटो से अपना जिस्म महकाते हैं ।
हाँ मेरे देश का हर जवान
वीर जवान कहलाता है ।


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