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मेरे अल्फाज़

लो आ गयी उनकी याद

Sarla Singh

465 कविताएं

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लो आ गयी उनकी याद
मगर वो नही आएगे
हर याद पे उनकी अश्क बहेगे
हर याद पे दम निकलेगा मेरा
मगर वो नही आएगे
मचलते रहेगे दिल मे अरमान मेरे
ख्वाब आँखो मे शूल बनकर चुभते रहेंगे
हिज्र का हर लम्हा जिया जलाता रहेगा
दिन रात मे रात सुबहा मे बदलेती रहेगी
मगर वो नही आएगे
कसमो पे यकी करते रहेंगे
वादो पे एतबार करते रहेंगे
बेवफा के हाथो वफा वाले युही लुटते रहेंगे
मगर वो नही आएंगे
लो आ गयी उनकी याद
मगर वो नही आएंगे ।



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