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मेरे अल्फाज़

भाई भाई में बंटवारा

Sanjeev Singh

6 कविताएं

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रोटी बांटी, खिलौने बांटे, बचपन में ढेरों तकरारें बांटी!
ख़ुशियां बांटी,आंसू बांटे, कलम स्याही और दवातें बांटी!

भाई भाई में प्यार बहुत था, मां बाबा का दुलार बहुत था,
बड़े हुए संग जिस घर में, उस घर की आज दीवारें बांटी!

आज बंट रहे मां और बाबा, हो रहा घर का बंटवारा,
आंखें पड़ी हैं सुखी सुखी, रिश्तों की सारी मर्यादा बांटी!!

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