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मेरे अल्फाज़

सर्दी की आहट...

Sanjay bhatia

74 कविताएं

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लो होने लगी हल्की सी सर्दी की एक आहट,
महीनों से झेल रहे थे जो गर्मी, अब मिलेगी राहत।

गर्म कपड़े, कम्बल रजाई
सब बाहर निकालो,
सेहत बनाने का मौसम है
आया अच्छा खा लो।

सरसों का साग,मक्के की
रोटी,गाजर का हलवा,
मूंगफली, रेवड़ी, गज्जक
सर्दी का जलवा।

गुनगुनी धूप का अपना ही है अलग मज़ा,
सर्दी के मौसम क्या कहने
अजब ही फ़िज़ा।

गर्म लिहाफ में सोएं सब सुबह देर तक,
चाय, काफ़ी,गर्म सूप एक
अलग ही लपट।

पंजीरी, गोंद के लड्डू और गाजर पाक,
बनावें दादी ,नानी सब घर अपने हाथ।

बस खांसी जुकाम का सब रखना ध्यान,
सेहत में कोताही न करना
रहना सावधान।

सर्दियों ने दी है दस्तक
कर लो तैयारी,
हसीं मौसम आने वाला है
सर्दी लगे प्यारी।

सर्दी की आहट।
सर्दी की आहट।।

- संजय भाटिया
डी एल एफ़ 3, गुरुग्राम।
हरियाणा।

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