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मेरे अल्फाज

                
                                                                                 
                            पलकों पे बिठाये जाने कितने हमने ख्बाब,
                                                                                                

सच हो कल में सारे क्या न्यारे अपने रुबाब,
होंगें फिर उस वक्त के इकलौते हम ही नबाब,
सब आकर कहेंगे हमसे हां जी हां जी जनाब !
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2 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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