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पुरुष...

                
                                                                                 
                            आंसुओं को छुपाकर, सबको समझना पड़ता है,
                                                                                                

एक पुरुष को सारे कष्टों से,
अपना आशियाना बचाना पड़ता है।
वो नहीं बता सकता अपनी,
दुविधाओं को अपनों से ही।
उसे तो सबकी दुविधाओं का,
हल ढूंढ कर लाना पड़ता है।
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2 months ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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